खाद और बागवानी का सामान

पौधे को नहीं, मिट्टी को खिलाइए

नर्सरी में तैयार असली केंचुआ खाद, छानी और पकाई हुई। वज़न के हिसाब से — बालकनी के लिए 1 किलो से लेकर खेत के लिए 50 किलो तक।

Weathered hands lifting a handful of dark crumbly vermicompost from an open jute sack and letting it fall back through the fingers
से शुरू ₹40

जैविक केंचुआ खादVermicompost

बोरी में ज़िंदा मिट्टी। ज़्यादातर पौधों को बस यही खाद चाहिए।

केंचुओं से बनी असली जैविक खाद — कोई रासायनिक उर्वरक नहीं। यह धीरे-धीरे असर करती है, बलुई मिट्टी में नमी रोकती है, चिकनी मिट्टी को भुरभुरा बनाती है, और यूरिया की तरह ज़्यादा डालने पर जड़ नहीं जलाती। बच्चों, पालतू जानवरों और सब्ज़ी-भाजी के लिए पूरी तरह सुरक्षित — दरवाज़े की तुलसी में डालनी हो तो यही सबसे सही है।

  • धीरे-धीरे असर करती है, एक बार डालने पर पूरे मौसम चलती है
  • यूरिया या डीएपी की तरह जड़ नहीं जलाती
  • चिकनी मिट्टी को भुरभुरा और बलुई मिट्टी को नमीदार बनाती है
  • बच्चों, जानवरों और सब्ज़ियों के लिए सुरक्षित
खुले हाथों से जूट की बोरी में गिरती हुई गहरे रंग की भुरभुरी केंचुआ खाद
केंचुआ खाद का नज़दीकी दृश्य, जिसमें खाद के अलग-अलग भुरभुरे दाने साफ़ दिख रहे हैं
नर्सरी की मेज़ पर केंचुआ खाद से भरी खुली जूट की बोरी और एक लोहे का पैमाना
पैक का वज़न
₹1755 किलो
  • Samastipur में ₹999 से ऊपर मुफ़्त डिलीवरी

इस्तेमाल कैसे करें

गमले में लगे तुलसी के पौधे की मिट्टी पर हाथ से केंचुआ खाद डालते हुए
  1. गमले में: मिट्टी भरते समय चार भाग मिट्टी में एक भाग खाद मिलाएँ।
  2. लगे हुए पौधों में: महीने में एक बार मुट्ठी भर खाद ऊपर की मिट्टी में मिला दें।
  3. बगीचे की क्यारी में: रोपाई से पहले 2–3 किलो प्रति वर्ग मीटर मिलाकर गोड़ दें।
  4. सब्ज़ियों में: फूल आने पर दोबारा उतनी ही डालें और पानी दे दें।
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